Внутренняя красота!
11. حقًا “أَدْخَلني الملك إلى حِجاله” (نش 1: 4 LXX).
Блаженна душа, входящая в палаты, так как она поднимается над телом, чтобы стать далекой (возвышенной) от всего. Она ищет и ищет внутри себя путь, по которому она сможет следовать за божественным. Достигая этого, он выходит за пределы рационального восприятия, укрепляется божественным и питается им.
Это был Павел, который осознал, что он восхищен в рай, но не знал, в теле ли он или вне тела (2 Коринфянам 12:3-4). Душа его поднялась из тела, освободилась от своих потребностей и уз и поднялась вверх. Он стал чуждым самому себе и сохранил в глубине своей души тайные слова, которые он слышал, но не мог раскрыть, потому что, как он заявлял, не оправдано человеку произносить такие мысли (2 Коринфянам 12: 4).
Вот почему праведная душа презирает пылкие материальные вещи и уже не цепляется за них, не колеблется и не перестает их принижать. Скорее, оно поднимается к нематериальным и чудесным вечностям, потому что оно поднимается с чистой мыслью и чистым разумом. Когда вы полны решимости достичь совершенства, вы стремитесь только к добру, к божественному благу, и считаете, что ничего другого не нужно, так как вы обладаете тем, что выше. Такой человек несет в своей душе больше красоты, чем ей нужно, даже если он остается один, так как находит удовлетворение внутри себя, и потому этот человек не считается изолированным и одиноким, потому что Господь с ним, как его заступник.
Внутренняя радость!
12. حقًا، حينما يُؤْتى بها إلى اللاهوت الخفي (السري)، تقول النفس: “فلنفرح ولنبتهج بك، لتكن لنا ثدياك أكثر من الخمر” (نش 1: 4 LXX). فإن البار لا يبتهج بالغِنَى وكنوز الذهب والفضة ولا بالتمتع بممتلكاته، ولا بالقوة ولا بالولائم إنما بالله وحده.
Ее борьба с тьмой
13. وأيضًا إذ أدركت هذه النفس أنها قد أُظْلمت باتحادها (بشهوات) الجسد تقول للأنفس الأخرى أو لقوات السماء المسئولة عن الخدمة المقدسة: “لا تنظرن إليَّ لكون بشرتي سوداء، لأن الشمس لم تنظر إليَّ، وبنو أمي غضبوا عليَّ” (نش 1: 6(LXX ، أي هاجمتني شهوات الجسد، وأضْفت مفاتنه على لوني، لهذا لم يشرق شمس البر عليَّ (ملا 3: 20). إنني محرومة من هذه الحماية، لم أستطع الحفاظ على تكريسي وطاعتي الكاملة. هذا هو معنى: “كرمي لم أحفظه” (نش 1: 6). لأنني أنتجت شوكًا لا عنبًا، أي أنتجت خطايا عوض الثمار الروحية (مت 7: 16-20).
Ей нужен был послеобеденный отдых
14. وحينما نتحدث عن الكلمة وضيائه الذي يشرق عليها، فتلتفت إليه قائلة: “أين ترعى قطيعك؟ أين تستريح عند الظهيرة؟” (نش 1: 7)، كان الوقت “полдень” عندما احتلَّ يوسف مكانه وسط إخوته في المأدبة، وكشف لهم عن أسرار الأزمنة المقبلة (تك 43: 15)، ويقول داود أيضًا: “سلِّمْ للرب طريقك واتكل عليه وهو يُجري، ويخرج مثل النور برّك، وحقك مثل الظهيرة” (مز 37: 5-6). كما أعلن بولس ذاته أن النور أبرق حوله كالظهيرة عندما اهتدى من مضطهد للكنيسة إلى النعمة (أع 9: 3).
Поэтому душа жалуется, что она оставлена, что она оставлена, и обнищала. Эта душа, которая была богата, потому что была переполнена дарами благодати, стала в нужде, когда была лишена полноты. божественного присутствия. Здесь она просит, чтобы с ней обращались так, как если бы она раньше была сотрудницей, которая ранее пользовалась богатствами профсоюза.
Ее потребность ценить себя через покаяние
15. يجيبها كلمة الله: “إن كنتِ لا تعرفين نفسك أيتها الجميلة بين النساء” (نش 1: 8)، لأنكِ تشتكين بأنك قد هُجرت، “إن كنتِ لا تعرفين نفسك”، أي إن لم تتوبي، إن لم تُظهري تقوى يقظة، إن لم يزد إيمانك ويَنْمُ اتكالك، لن تُجْدِي شكواك.
Если ты не знаешь себя красивым, если ты не сохраняешь красоту своей природы, не подчиняешься искушениям плоти и не сдерживаешься ее запретами, то честь твоего творения не поможет тебе. совсем.
Наслаждайтесь красотой свободы!
16. لهذا اعرفي نفسك وجمال طبيعتك، وانطلقي كأن قدميك قد تحررتا من القيود، وقد ظهرتا مَرْئية في خطواتهما المكشوفة، فلا تشعرين بأغطية جسدانية، ولا تعوق روابط الجسد خُطى ذهنك؛ فتظهر قدماك جميلتين. لأنه هكذا هو حال من اختارهم الرب للشهادة عن ملكوت السماوات، إذ قيل عنهم: “ما أجمل أقدام المبشرين بإنجيل السلام” (رو 10: 15؛ إش 52: 7).
هكذا كان حال موسى الذي قيل له: “اخلع الحذاء من رجليك” (خر 3: 5)، فإنه إذ كان مزمعًا أن يدعو الشعب إلى ملكوت الله، وجب عليه أن يخلع ثياب الجسد ويمشي بروحه وخطى ذهنه عارية. لهذا يقول الرب: “اُخرجي على آثار الغنم واِرعي جداءك عند خيام الرعاة” (نش 1: 8). نفهم أن الغنم هو الملكوت، لأن ممارسة رعاية الغنم تتطلب قوة. أيضًا يختبر كل إنسان رعاية نفسه بنوعٍ ما بقوة ملوكية وذلك إذا ما كبح إفراط الجسد في داخله، وقمَع جسده واستعبده، لذا قيل: “ملكوت الله داخلكم” (لو 17: 21). في هذا الصدد قال الرب للنفس: “اُخرجي”، أي “اُخرجي من العبودية”، اُخرجي من سيطرة الجسد وسلطانه. اُخرجي، لا في الجسد، بل في الروح. اُخرجي إلى سلطان القوة. لذا يُضيف: “وارعي جداءك (الصغيرة)”، أي اضبطي الأمور التي على يسارك، فإنها إذا لم تُضْبَط سرعان ما تسقط (مت 25: 33). اكبحي شهواتك. شهوة جسدك، والانغماس في الشهوات الحيوانية. اضبطي أهواءك المتقلبة، لا ترعيها عند خيام الجسد بل في خيام الرعاة الذين تعلموا كيف يقودون القطيع.
لأنه “ما أحسن خيامك يا يعقوب، مساكنك يا إسرائيل… كجنات على نهر” (عد 24: 5-6). فيها ترقد النفس كأنها مستعدة للحرب، تؤدي خدمة طيبة، تبحث عن غزوات الخصم، وتطلب النصرة بجهاد الفضيلة. فتُقارَن بجواد سليمان المطهَّم، السريع في العَدْو، والخصيب في الإنجاب، فإن خصوبة النفس مرغوبة ومطلوبة.
Стремитесь, как лошадь на войне
17. Это драгоценный конь, быстрые колесницы фараона (Песнь Песней 1:9).
Некоторые считают этот текст (Песнь Песней 1:9). Ссылка на церковь и народ, но я уже много раз говорил об этой тайне, особенно в толковании Псалма 118 (119), и что речь здесь идет о душе. Душу водят, как коня, я имею в виду, что она имеет пророческую или апостольскую добродетель, потому что она причислена к тем, которые наполнили все концы земли плодородием своей проповеди; Они все еще находятся в теле и не чувствуют, что потеряли свои духовные поиски. По этой причине эта душа получает похвалу, так как она стала прекрасной и прекрасной через руководство и просвещение небесной заповеди. Красота целомудрия отражается на ее лице, и когда она носит ожерелье на шее, она проявляет признаки терпения и смирения.
Настоящий Исаак любил красоту, смирение и терпение такой души и с тоской ждал ее потомства.
Дитя прекрасной души
18. الآن حبلت رفقة (تك 25: 21)، وبصبرها حلت عقدة العقم. لنتأمل ما أنجبته نفسها النبوية الرسولية، وكيف مضت تستشير الرب (تك 25: 22)، لأن الطفلين تزاحما في بطنها، فتلقت الإجابة: “في بطنك أُمتان” (تك 25: 23). لأنها لم تعطِ نفسها حق الحكم في الأمر بل سلمته لله كمدافع علوي فائق يهبها المشورة، وإذ امتلأت سلامًا وتقوى جمعت أُمتين معًا بإيمانها خلال النبوة، وأغلقت عليهما في بطنها، إن جاز التعبير.
Ее считают сестрой для всех
19. Недаром меня называли сестрой, а не женой (одному). Ее нежная и миролюбивая душа была известна своей сильной любовью ко всем, а не союзу с одним человеком; Оно считало себя связанным со всеми (братством) и не останавливалось на соединении с одним.
Открывает источники веры и преданности
20. Теперь Исаак заново раскопал несколько колодцев, которые ранее вырыл его отец, но которые были уничтожены чужеземцами после смерти его отца Авраама. Рядом с этими колодцами он выкопал еще один в долине Герар, где нашел колодец с живой водой. Пастухи Герара поссорились с пастухами Исаака, претендуя на владение водой этого колодца, поэтому он несправедливо назвал его именем. (Спросить) (Бытие 26:20). Затем он выкопал еще один колодец, из-за которого тоже возник спор, поэтому он назвал его враждой (Станна) (Бытие 26:21). Затем он выкопал третий колодец, и не возникло из-за него ссоры между пастухами, поэтому он назвал его Реховот, что означает место для всех (Бытие 26:22). Он также выкопал колодец, в котором не нашел воды, поэтому назвал его Колодцем Клятвы (Бытие 26:25).
21. هل عندما يقرأ أحدكم (عن هذه الآبار) يحسبها أعمالاً أرضية لا روحية؟ فقد حفر إبراهيم آبارًا، وهكذا فعل إسحق أيضًا، ويعقوب، البطاركة العظماء… كأنهم كانوا ينابيع الجنس البشري، خاصة كآبار للإيمان والتكريس. لأنه ما هو بئر الماء الحيّ إلاَّ عمق الإرشاد! لهذا رأت هاجر ملاكًا بجوار بئر (تك 21: 14)، ووجد يعقوب زوجته راحيل بجوار بئر (تك 29: 2، 9-10)، ونال موسى أولى مكافآته لزواجه المستقبل بجوار بئر (خر 2: 15-22).
Символические значения колодцев (нравственные, затем природные, затем тайные)
22. Вот почему Исаак взял на себя задачу рыть колодцы с глубоким видением и хорошим планированием, чтобы омыть свой колодец и усилить способность и проницательность разумной души, чтобы видение стало яснее.
لقد حفر آبارًا أخرى عديدة، وكُتب بهذا الخصوص: “اشرب مياهًا من آنيتك ومن نبع آبارك” (أم 5: 15 LXX). كلما كثرت الآبار ازداد غِنَى فيض النعم.
نبش بئرًا سبق فحفره أبوه إبراهيم، وقد تنازع عليه رعاة جرار؛ هذا يشير إلى جدران الفصل، إذ حدث انقسام بين المتنازعين وصار ظلم، وقد دُعِيَ البئر “ظلمً”، ثم حفر بئرًا أخرى وحينما قام النزاع دعاها عداوة. يبدو في هذا Моральное воспитаниеПотому что как только стены разделения будут устранены, враждебность исчезнет. Естественно. التي في جسد الإنسان ويصير العنصران (الجسد والنفس) واحدًا؛ هذا ما تحقق رمزيًا في إسحق وبالحقيقة بالمسيح. لهذا وُجِد بعد ذلك ماء نقي في البئر (الثالثة)، صالحة للشرب… وقد دعيت “رحبوت”، لأن الإنسان الذي يتجاوز الأمور العالمية المادية يكون هادئًا رابط الجأش يجاهد دون منازعة… ويقول: “الآن قد أَرْحب لنا الرب وأثمرنا في الأرض” (تك 26: 22)؛ لأنه قد سُمِّي على الأمور الأرضية. أما البئر الأخيرة فهي بئر القَسَم (العهد)، حيث ظهر له الله، قائلاً: “لا تخف لأني معك” (تك 26: 24)، وباركه هذا Тайное учение.
23. У вас похожее образование в Соломоне. Пословицы то есть моральныйА в Книге Экклезиаста он принижает суету этого мира как нечто естественный. Что касается Песни Песней Объяснять.
لديكم أيضًا في النبي: “Растение Для себя в праведности, пожинать плод жизни, Зажги لأنفسكم نور المعرفة” (10: 12 LXX). هذا هو نور المعرفة أن يكون لكم كمال الحب. فقد قيل: “لا تخافوا، لأن المحبة تطرد الخوف خارجً” (1 يو 4: 18).
Сообщим нам, что Соломон объяснил эти колодцы и приписал им Моральный, естественный и тайный смыслы Чтобы.
А. Уэллс в моральную концепцию
24. لأنه في الأمثال إذ تحدث عن رفضه جمال الفتن العالمية حيث قال: “اشرب مياهًا من آنيتك، ومن نبع آبارك، ولتُفِضْ مياه ينبوعك لك” (أم 5: 15-16 LXX)، وأيضًا: “ليكن ينبوع مياهك لك وحدك وافرح بزوجتك” (أم 5: 18 LXX)، لأن الحكمة الحقيقية هي علاجنا ضد تجارب العالم وМоральное воспитание также. Потоком разливающихся вод его из источника омывается и очищается образ человека, запятнанный порошками радостей мира, которыми пользовалась, так сказать, прелюбодейка.
для. Уэллс в естественной концепции
25. بالإشارة إلى المفهوم الطبيعي، تجدونه في سفر الجامعة: “عملت لنفسي بِرَك مياهٍ لتسقي بها المغرس المنبتة الشجر” (جا 2: 6). لا تهتموا أنه قال “بِرَك” بدلاً من “الآبار”.
С. Уэллс в секретной концепции
26. تبقى لنا البئر في المفهوم السرِّي، نجدها في نشيد الأناشيد، حيث يقول الكتاب المقدس: “ينبوع جنات بئر مياه حية وسيول من لبنان” (نش 4: 15). حقًا إن أردتم سبر؟؟ عمق الأسرار تُظهِر البئر لكم حكمة سرية مؤسسة في الأعماق. لكن إن أردتم شرب وفرة الحب الأعظم والأغنى من الإيمان والرجاء فلكم نبعكم، لأن المحبة تفيض بِغنى لكي تقدروا أن تشربوها وتكون بين أيديكم، تروي جنتكم بغزارة، فتأتي بثمار روحية.
Поскольку любящий (любовник) находится там, за колодцем Реховот, Библия говорит, что там, где есть любовь, через Ливан течет сильный поток.
لنَسْمَح للإنجيل أن يعلمنا (عن البئر بالمفهوم السِرِّي)، إذ كتب أن “يسوع أتي إلى مدينة من السامرة يُقال لها سوخار بقرب الضيعة التي وهبها يعقوب ليوسف ابنه، وكانت هناك بئر يعقوب. فإذ كان يسوع قد تعب من السفر جلس هكذا على البئر” (يو 4: 5-6). بهذا نعرف أيضًا أن هذه البئر تُفْهَم سرّيًا. فالمرأة السامرية، حارسة، أعني حارسة للوصايا السماوية، تقترب من هذه البئر، لأنها تعلمت الأسرار الإلهية، تعلمت أن الله روح وأنه لا يُعْبَد في مكان بل في (بـ)الروح، وأن المسيح هو المسيّا الذي انتظره اليهود وقد جاء فعلاً (يو 4: 21-26). إذ سمعت هذه الأمور تعلمت هذه المرأة التي تُعلِن عن جمال الكنيسة، وآمنت بأسرار الناموس.
Трехмерная мудрость
[يضرب القديس أمبروسيوس أمثلة متعددة للتفاسير الثلاثية للكتاب المقدس: التفسير الأخلاقي، التفسير الطبيعي، التفسير السرِّي (الرمزي)، ويدعو هذه التفاسير “الحكمة الثلاثية الأبعاد”. أخذ القديس أمبروسيوس هذا الفكر عن مدرسة الإسكندرية، خاصة العلامة أوريجينوس الذي يرى أن الكتاب المقدس يُفسَّر بثلاث طرق:- А. Простому предлагается буквальное или историческое толкование.
- для. Поведенческая или этическая интерпретация.
- С. Символическое или тайное толкование свойственно душе, наслаждающейся общением с Господом Христом, как Его невестой, наслаждающейся Его тайнами, находясь в Его покоях.
Здесь мне достаточно привести несколько примеров того, о чем говорилось в статье святителя Амвросия.
27. Также в «Песне Песней» Соломон ясно изображает ту тройную мудрость, хотя в книге Притчей он повелел человеку, желающему услышать его мудрость, записать ее себе трижды (Притчи 22:20LXX).
تقول العروس في نشيد الأناشيد عن العريس: “ها أنتَ جميل يا حبيبي وحلو حقًا! وسريرنا مُظلَّل، وعوارض بيتنا أَرْز، وروافدنا سِرْو” (نش 1: 16-17). يمكن تفسير ذلك أخلاقيًا؛ لأنه أين يسكن المسيح وكنيسته إلاَّ في أعمال شعبه (سلوكهم)؟ فإنه حيث توجد النجاسة والكبرياء أو الإثم “ليس لابن الإنسان أين يسند رأسه” (مت 8: 20) كقول الرب يسوع.
28. وماذا عن المفهوم الطبيعي؛ “تحت ظله ابتهجتُ للغاية وجلستُ وثمرته حلوة لحلقي” (نش 2: 3 LXX). الإنسان الذي يسمو فوق الأرضيات ويموت عن العالميات، الذي صُلب العالم له وهو للعالم، يحتقر وينبذ كل ما هو تحت الشمس.
29. بخصوص المفهوم السرِّي يقول: “أدخلني إلى بيت الخمر، ومُر لي بما أحب” (نش 2: 4 LXX). كما أن الكرمة تضم التعريشة هكذا الرب يسوع ككرمة أبدية (يو 15: 1) يحتضن شعبه كما بين ذراعيّ المحبة.
30. تأملوا كل جزء بالمفهوم الأخلاقي… “أنا زهرة الحقل، سوسنة الأودية” (نش 2: 1)، В нравственном смысле это цветок.
В естественном смысле слова он — солнце праведности. (ملا 3: 20) الذي يُعطي نورًا عند إشراقه وقيامته ثانية… لاحظوا أنه لا يغرب عنكم، كما هو مكتوب: “لا تغرب الشمس عن غيظكم” (أف 4: 26).
В тайном смысле это любовь; Потому что Христос есть исполнение закона (Римлянам 13:10). Таким образом, церковь, которая любит Христа, ранима из-за любви (Песнь Песней 2:5LXX).
Христос побеждает горы
31. Он будит ее, будит снова, чтобы она могла услышать его голос.
إنها تدعوه ليحضر، فإذا ما دُعِي لا يأتي فقط، إنما يَأتي قافزًا! “طافرًا على الجبال، قافزًا على التلال” (نش 2: 8). إنه يطفر فوق النفوس التي لها نعمة أعظم، ويقفز على تلك التي لها نعمة أقل! وربما يعني النص: كيف جاء طافرًا؟ جاء إلى هذا العالم في شكل طفرة. كان مع الآب، وجاء إلى عذراء، ومن العذراء قفز إلى مزود. Оно было в яслях и сияло в небе. Он сошел к Иордану и взошел на крест. Он сошел во гроб, встал из гроба и сел одесную Отца..
Как олень, жаждущий потоков вод (Псалом 42:2), так он сошел к Павлу и осветил его (Деяния 9:3), и перепрыгнул через церковь его, которая есть Вефиль, то есть дом Божий (Деяния 9:3), и перепрыгнул через церковь его, которая есть Вефиль, то есть дом Божий ( Михей 5:1), потому что призыв Павла – это сила церкви.
Христос выглядывает из окон за стеной
32. جاء إذن، وكان أولاً خلف الحائط، وذلك لكي يحطم العداوة التي بين النفس والجسد، بإزالة الحائط الذي بدا كأنه يعوق الانسجام (نش 2: 9؛ أف 2: 14). ثم يتطلع من الكُوى (نش 2: 9). اسمعوا ما يقوله النبي عن الكُوى: “ميازيب من العلاء انفتحت” (إش 24: 18). إنه يعني الأنبياء الذين من خلالهم نظر الرب إلى جنس البشر قبل أن يأتي بنفسه على الأرض.
33. И сегодня, если что То же самое, что Она многого просит, ибо заслуживает великой милости, ибо кто много просит, тот больше получит. Если это То же самое, что تسعى إليه بغيرة شديدة، فإنها تسمع صوته آتيًا من بعيد… إنها تراه قافزًا إليها، أي مسرعًا وراكضًا وطافرًا فوق كل الذين لا يقدرون أن يقبلوا قوته لضعف قلوبهم. وبقراءة الأنبياء وتذكُّر كلماتهم، تراه متطلعًا إليها من خلال أحجبتهم، ناظرًا كما لو كان من كُوَّة، كما لو كان حاضرًا!
Вы видите его стоящим над окном (Песнь Песней 2:9LXX). Что это значит, если только сеть не его сеть, а наша? Потому что душа, находящаяся еще среди временных и материальных дел, — это та, которая вообще пленяет и объемлет человеческую мысль. Вот почему Он открывает Себя через окно тому, кто ищет Его, находясь среди мимолетных вещей. (В Библии имеется в виду окно?? Окна)
Оно привлекает душу, ищущую Его
34. يقول لمثل هذه النفس (الساعية إليه): “قومي، اِنهضِي يا حبيبتي” (نش 2: 10)، أي انهضي من ملذات العالم، قومي من الأمور الأرضية وتعالي إليَّ، يا من مازلتِ تعملين وأنتِ مثقلة (مت 11: 28). لأنك منشغلة بالأمور الزمنية، تعالي عَبْرَ العالم، تعالي إليَّ فإني قد غلبت العالم. اقتربي فإنكِ جميلة، مُزيّنة بالحياة الأبدية، أنتِ الآن حمامة (نش 2: 10)، لأنك وديعة ولطيفة. الآن أنتِ مملوءة بالكامل بالنعمة الروحية، فيليق بكِ ألاَّ تخشي الشباك. هذا حق للغاية، فإن مَنْ لا تسبيه تجارب العالم وشباكه (سيراخ 9: 13) تسمو نفسه. فإننا نحن البشر نسير وسط فخاخ، مُعرَّضون للشباك باشتياقنا للقوت، أما هو فإذ سكن في الجسد لم يخش الشباك بل وقف فوقها، أي فوق تجارب العالم وأهواء الجسد، وبالأكثر جعل آخرين يقفون فوق الشباك.
Это дает плод души
35. ومِن ثَمَّ، فإنه إذ يرغب في تثبيت تلك النفس يقول: “قومي، يا حبيبتي، لا تخشي الفخاخ لأن الشتاء قد مضى” (نش 2: 11)؛ أي قد جاء الفصح (عيد القيامة في الربيع)، جاء الفصح وغفران الخطايا، وبطلت التجربة، وانقضى المطر (نش 2: 11)، ومضت العاصفة والضيقة. قبل مجيء المسيح كان شتاء، وبعد مجيئه كانت الزهور. في هذا الصدد يقول: “الزهور ظهرت في الأرض” (نش 2: 11)، قبلاً كانت أشواكًا والآن توجد زهور. “بلغ أوان القضب” (نش 2: 11). قبلاً كانت قفرًا والآن حصاد. “وصوت الحمامة سُمِع في أرضن” (نش 2: 11). أحْسَنَ النبي بإضافته “أرضن”، إذ يتعجب أنه إذ وُجد قبلاً نجاسة صارت الآن طهارة.
36. “التينة أخرجت فجَّه” (نش 2: 13). سبق فأمر بقطعها لأنها لم تُعطِ ثمرًا (لو 13: 7)، لكنها بدأت الآن تُخرج ثمرًا.
لماذا تتردَّدون عندما قال “فجَّه”؟ لقد عَصَف بالذين جاءوا قبلاً لكي يأتي بالأفضل فيما بعد، وذلك كما رفض ثمر المجمع اليهودي أما ثمر الكنيسة فيتجدد.
Он защищает душу своим крестом
37. بالرغم مِنْ تَوفُّر الهدوء الكامل وبلوغ خطة الخلاص منتهاها، يقول: “قومي آمنة في محاجئ الصخر” (نش 2: 13-14 LXX)، أي آمنة في حماية آلامي وخلف حصن الإيمان، لأنهم “رضعوا عسلاً من حجر، وزيتًا من صوان الصخر” (تث 32: 13 LXX). إذ تتسربل نفس البار بستر الإيمان هذا، لا تتعرَّى الآن بل تكون لها كحصن، لهذا يقول لمثل هذه النفس: “تعالي أيضًا يا حمامتي في ستر الصخرة بقرب الجدار (الحصن)، أريني وجهك، أَسْمعِيني صوتك” (نش 2: 14 LXX). إنه يحثها على الاتكال عليه فلا تخزى من صليب المسيح وخيمته (2 تي 1: 8؛ نش 8: 6). إنه يحثها على الاعتراف؛ يريد لكل الحيل أن تتنَحَّى جانبًا حتى تنتشر رائحة الإيمان الذكية (2 كو 2: 15-16)، حتى يُشرِق النهار ببهاء، ولا يؤذي ظل الليل البهائم. فإن من يقترب من المسيح يقول: “قد تناهى الليل وتقارب النهار” (رو 13: 12). يمضي ظل الأمور العالمية، ويُشرِق نور الأمور السماوية – المسيح – على قديسيه. مثل هذه النفس تنال تأكيدات الحب الذكي.

